Pin worm क्या है?-कारण, लक्षण और इलाज.

  Pin worm क्या है?-कारण,  लक्षण और इलाज.

Pin worm क्या है?-कारण,  लक्षण और इलाज.
Pin worm क्या है?

Pin worm  ऐसे कीड़े होते हैं जिनके इंफेक्शन लग जाने से टट्टी वाली जगह यानि  गुर्दा में बहुत ज्यादा खुजली होती है.  यह ज्यादातर स्कूल जाने वाले बच्चों में पाए जाते हैं, हालांकि बड़ों में भी इनका इंफेक्शन हो सकता है. इन कीड़ों की खास बात यह है कि एक बार इंफेक्शन होने से यह बार-बार हो जाते हैं. ऐसे मे बच्चों को तो बहुत ही परेशानी उठानी पड़ती है वे चिड़चिडा हो जाते हैं और पढ़ाई नहीं कर पाते हैं.
सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि गुदा पर खुजाने से इन के अंडे नाखूनों में लग जाते हैं और बार-बार इंफेक्शन पैदा कर देते हैं. जब तक नाखून नहीं काटे जाए इनका इलाज भी ठीक  तरह से नहीं हो पाता है तो चलिए आज हम इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि “Pin worm क्या है?”, Pin worm के  लक्षण क्या है और Pin worm को  होने से कैसे रोका जा सकता है. 


     

     Pin worm (पिन वर्म)  क्या है? 

    Pin worm लगभग 1 सेंटीमीटर लंबे सफेद रंग के कीड़े होते हैं. जो इंसान की आँतों में रहते हैं. यह जानवरों के पेट में नहीं पाए जाते हैं क्योंकि इनकी शक्ल घागों के छोटे-छोटे टुकड़ों की तरह होती है इसलिए इसे थ्रेड वर्म का नाम दिया गया है. इन्हें पिन वर्म और सीट वर्म भी कहा जाता है.

     इस कीड़े का शिकार कोई भी हो सकता है यानी कि pin worm किसी को भी हो सकता है भले ही वह कितना साफ सफाई और स्वस्थ संबंधी पूरी सावधानी रखता हो. परंतु बच्चों में यह रोग सबसे ज्यादा पाया जाता है खासतौर और उन बच्चों में यह रोग सबसे ज्यादा पाया जाता है जो कि  अपने नाखूनों को बढाए रखते हैं और जो बच्चे स्कूल जाया करते हैं. अक्सर इस तरह के बच्चों में यह पाया जाता है इससे बच्चों के मां-बाप को भी संक्रमण हो सकता है. वास्तव में यह बहुत ही संक्रामक होते हैं तो अब बात आती है कि हम पिन वर्म पता कैसे लगाएं.

     थ्रेडवर्म का पता कैसे लगाएं या पिन वर्म का पता कैसे लगाएं?

     Thread worm या Pin worm का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है कि, जब यह किसी बच्चे में होता है तो उसके गुदा के आसपास खुजली होना इनकी खास निशानी है. जब कोई बच्चा देर रात तक हिले दुले खामोश बैठे रहे या रात को खुजली करता हो अगर आप बच्चे के मल में  आसपास इन्हें रेंगता देखे तो उसे से Pin worm होने का पक्का सबूत मिलता है.

     थ्रेड वर्म  का संक्रमण कैसे होता है?

     जिनके पेट में कीड़े होते हैं उनसे ,इनके अंडे कपड़ों ,बिस्तर में , बर्तनों और खिलौनों पर भी इनके अंडे जमा हो जाते हैं .ज्यादातर जलवायु में इनके अन्डे का संक्रमण 10 से 14 दिनों तक संक्रामक रहता है. जिन बच्चों को इनके कारण तेज खुजली होती है वे रात को सोते समय अपने खुदा को जोर-जोर से खुजाते रहते हैं. जिसकी वजह से कीड़ों के अंडे इनकी उंगलियों और नाखूनों में आ जाते हैं और फिर  उंगलियों और नाखूनों के माध्यम से मुंह में चले आते हैं और मुंह से आंतों में चले जाते हैं. इनके अंडे हवा के जरिए भी फेलते हैं इस वजह से पूरे परिवार को इनका इंफेक्शन लग सकता है.

     थ्रेडवर्म या पिन वर्म के कारण खुजली कैसे होती है?

     बड़े थ्रेडवर्म गुदा के आसपास अपने अंडे देते हैं और कई बार रात में इन्हें बढ़ने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है. जिस कारण से यह रेंगता हैं और इस तरह चिपकने वाले अंडे और रेंगने वाले कीड़ों से ही खुजली होती है.

     इनके इंफेक्शन का भी बड़ा अजीब होता है इनकी वजह से नींद नहीं आती है और जिन बच्चों के पेट में यह कीड़े पलते हैं. वह अपने मां-बाप को बहुत परेशान करते हैं उसमें और उस तरह के बच्चे में धैर्य और स्कूल में पढ़ाई पर ध्यान नही दे पाना बच्चों में अक्सर देखा जा सकता है. खुजाने से लाली और जलन पैदा होती जाती है.

     Thread worm या Pin worm क्या खतरनाक होते हैं?

      वैसे तो thread worm खतरनाक नहीं होते हैं और इनके संक्रमण से कोई बीमारी भी पैदा नहीं होती है. परंतु कभी-कभी आंतों में गड़बड़ी जरूर महसूस हो सकती है.छोटे बच्चों में या फिर बड़ो में इसके कारण मुँह में पानी आने लगता है और कभी-कभी मन विचलित होने लगता है. 

      थ्रेडवर्म का इलाज कैसे करें? 

     थ्रेडवर्म के इलाज के लिए ऐसी दवा की जरूरत होती है जो इन्हें और इनके लार्वा दोनों को ही मार दे. वैसे इनका प्रभाव मरीज पर कोई खास नहीं पड़ता फिर भी  इसका इलाज के लिए मिबेंनडाजोल(Mebondazol) और एल्बेंडाजोल (Albandazole) नामक बहुत सारी दवाइयां हैं जो इस पर ज्यादा असर करती है.क्योंकि बड़ो और बच्चों के पेट में बढ़ने वाले कीड़े की संख्या समान ही होती है. इसलिए सभी के लिए समान खुराक दी जाती है. दवा खरीदने के बाद उसके पैकेट पर लिखे निर्देशों का पालन करते हुए दवा खाए आपको और आपके बच्चे सभी को फायदा होगा. हालांकि इस तरह के दवा लेने से पहले आप अपने फैमिली डॉक्टर से संपर्क जरूर कर ले.

     15 दिनों बाद इलाज क्यों दोहराना चाहिए? 

     याद  रखिए की थ्रेड वर्म या पिन वर्म के अंडे 10 से 14 दिन तक संक्रामक रहते हैं. थ्रेडवर्म के दवा खाने के बाद कीड़े तो मर जाते हैं पर हो सकता है उनके बचे अंडे में से फिर कीड़े बन जाए इसलिए 15 दिनों के बाद एक बार फिर से दवा खा ले. नए लार्वा और पूरे विकसित कीड़े भी मर  जाएंगे.

     कई अध्ययनों से यह पता चला है कि अगर परिवार में एक व्यक्ति को थ्रेड वर्म होता है तो परिवार के शेष व्यक्तियों को भी यह इंफेक्शन हो सकता है. जिसका उन्हें पता नहीं चलता इसलिए इसकी दवा पूरे परिवार को साथ साथ लेनी चाहिए ताकि आप लोग भी इससे संक्रमित ना हो सके और अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेते रहे.

    Pin worm क्या है?-कारण,  लक्षण और इलाज.
    Pin worm क्या है?

     थ्रेडवर्म होने से कैसे बचें या क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

      थ्रेडवर्म या पिन वर्म से बचने के लिए बहुत सारी बातें हैं जिसका आपको ध्यान रखना  चाहिए जो इस प्रकार है-

    1.  नाखून को ना बढ़ने दे और उंगलियां मुंह में ना डालें और ध्यान दें कि बच्चे नाखून ना चबाए. 
    2.  और जब भी  बच्चे शोच जाए तो शोच जाने के बाद,भोजन से पहले और सोने से पहले साबुन से हाथ जरूर  धोए.
    3.  प्रतिदिन सुबह शोच जाने के बाद गुदा को अच्छी तरह से धोए और इससे गुदा के मुख पर मौजूद अंडे साफ हो जाएंगे. ऊपर और नीचे के अंगों को पोछने के लिए अलग-अलग तोलियों का इस्तेमाल करें.
    4.  पजामा या जांगिया या आपका इनरवियर ऐसा होना चाहिए जो आपका हाथ बार-बार गुदा में जाने से रुकावट डालें नहीं तो कीड़े और अंडे  हाथों पर चिपक कर मुंह तक पहुंच जाएंगे और इस तरह आप संक्रमित हो सकते हैं इसलिए इससे बचे.
    5.  रोज सुबह साफ और धुला हुआ कपड़ा पहने और नाइट ड्रेसेस और सभी कपड़े को कम से कम 60 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में उबाल  कर घोए. 
    6.  जिस स्थान पर आप बैठते हैं और सोते हैं उस जगह को नियमित रूप से साफ सफाई करते रहे. इनके साथ ही दरवाजों की  कड़ियों , अलमारियों और खिलौनों के भी साफ सफाई करते रहें.

    निष्कर्ष –

    दोस्तों आपने इस पोस्ट के माध्यम से जाना कि Pin worm (पिन वर्म) क्या है? पिन वर्म क्या होता है, इसका इलाज कैसे कर सकते हैं और आपने यह भी जाना कि हम इससे कैसे बच सकते हैं . मैं आपसे यह बात कहना चाहता हूं की आप किसी भी प्रकार की दवाई बिना डॉक्टर की सलाह के न ले. 

     दोस्तों अगर आपके मन में भी किसी तरह का सवाल है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं और यदि आपको यह पोस्ट अच्छा लगे तो प्लीज कमेंट करें और इसे आप उस व्यक्ति तक पहुंचाएं. जिसको इसकी आवश्यकता हो…  धन्यवाद….

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